ऊना के अमरीश राणा को हाई कोर्ट से ज़मानत, अप्रैल 2025 में दर्ज हुआ था मामला

Editor
0

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना ज़िले के गगरेट थाना क्षेत्र में दर्ज एक आपराधिक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी अमरीश राणा को ज़मानत प्रदान कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राकेश कैंथला (Vacation Judge) ने 23 जनवरी 2026 को पारित किया।

मामला अप्रैल 2025 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें अमरीश राणा और अन्य पर जेसीबी व टिप्पर चालकों को धमकाने, वाहन क्षतिग्रस्त करने, डराने-धमकाने और संगठित अपराध से जुड़ी धाराएँ लगाई गई थीं।

🔍 क्या थे आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ देर रात मौके पर पहुंचा, चालकों को हथियार दिखाकर धमकाया, वाहनों के टायर पंक्चर किए और इंजन में संदिग्ध पदार्थ डाल दिया। बाद में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उससे और अन्य क्रशर मालिकों से पैसे की मांग भी की गई।

⚖️ कोर्ट की अहम टिप्पणियां

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि—

  • एफआईआर में रंगदारी की बात स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थी, यह आरोप बाद में जोड़ा गया

  • संगठित अपराध (धारा 111 BNS) लगाने के लिए आवश्यक शर्तें प्रथम दृष्टया पूरी नहीं होतीं

  • पिछले दस वर्षों में आरोपी के खिलाफ इस तरह के मामलों में एक से अधिक चार्जशीट कोर्ट द्वारा संज्ञान में ली गई हो, इसका रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया

  • चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जांच के लिए अब आरोपी की हिरासत आवश्यक नहीं है

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी व्यक्ति को ज़मानत से वंचित नहीं किया जा सकता, जब तक वर्तमान मामले में गंभीर अपराध में उसकी स्पष्ट भूमिका सामने न आए।

🧑‍⚖️ सह-आरोपियों को पहले ही राहत

कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि इसी मामले में सह-आरोपियों को पहले ही अलग-अलग अदालतों से ज़मानत मिल चुकी है, ऐसे में समानता के सिद्धांत के तहत याचिकाकर्ता को भी राहत दी जानी चाहिए।

💰 ज़मानत की शर्तें

हाईकोर्ट ने आरोपी को ₹1 लाख के निजी मुचलके और समान राशि के ज़मानती पर रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही शर्तें लगाई गईं कि आरोपी—

  • गवाहों को प्रभावित या धमकाएगा नहीं

  • प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहेगा

  • बिना सूचना सात दिन से अधिक स्थान नहीं बदलेगा

  • मोबाइल नंबर व सोशल मीडिया विवरण पुलिस व अदालत को देगा

अमरीश राणा हिमाचल प्रदेश, विशेषकर ऊना ज़िले में लंबे समय तक कुख्यात गैंगस्टर के रूप में जाना जाता रहा है। वर्ष 1999 के आसपास हत्या जैसे गंभीर मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी और उसने करीब ढाई दशक जेल में बिताए। लंबे समय तक कारावास के बाद सरकार द्वारा शेष सजा माफ किए जाने पर उसकी रिहाई हुई, जिसके बाद यह माना गया कि वह मुख्यधारा के जीवन में लौट चुका है। लेकिन रिहाई के कुछ समय बाद ही उसका नाम फिर से आपराधिक मामलों में सामने आने लगा। उस पर स्थानीय स्टोन क्रशर कारोबार से जुड़े लोगों और वाहन चालकों को धमकाने, वसूली और दबाव बनाने जैसे आरोप लगे, जिससे उसकी पुरानी गैंगस्टर छवि एक बार फिर चर्चा में आ गई। हाल ही में दर्ज मामलों में हालांकि अदालत ने कानूनी आधारों पर उसे ज़मानत दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया है कि वह अभी अभियुक्त है, दोषी नहीं, और उसके खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम फैसला ट्रायल के बाद ही होगा
Tags
Una

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Out
Ok, Go it!
To Top